राजेश पाठक विधि संवाददाता
सोनभद्र। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और तरुण सक्सेना की अदालत ने वरिष्ठ अधिवक्ता हरि प्रसाद यादव के पैतृक संपत्ति बंटवारे से जुड़े मामले में पुलिस की भूमिका पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक और रायपुर थाना प्रभारी को 19 मई को हाईकोर्ट में तलब किया है। यह आदेश हरि प्रसाद यादव और उनके पुत्रों सुखपाल यादव तथा सत्यपाल यादव की ओर से दाखिल रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। कोर्ट ने एसपी सोनभद्र को स्वयं हलफनामा दाखिल कर यह स्पष्ट करने को कहा है कि भाइयों के बीच संपत्ति विवाद में पुलिस ने हस्तक्षेप क्यों किया और पक्षकारों को थाने क्यों लाया गया।
• पुलिस स्टेशन का सीसीटीवी फुटेज भी मांगा गया
कोर्ट ने निर्देश दिया है कि उस समय का सीसीटीवी फुटेज भी प्रस्तुत किया जाए, जब पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात कही गई थी। अदालत ने यह पूरी प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूरी करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 19.05.2026 को होगी। साथ ही हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ताओं हरि प्रसाद यादव, सुखपाल यादव और सत्यपाल यादव को थाना रायपुर में दर्ज केस अपराध संख्या 58/2026 में गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। रजिस्ट्रार (अनुपालन) को आदेश की सूचना 24 घंटे के भीतर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सोनभद्र के माध्यम से पुलिस अधीक्षक और थाना अध्यक्ष रायपुर को भेजने का निर्देश दिया गया है।