यशस्वी कन्नौजिया संवाददाता
डाला,सोनभद्र। तापमान के बढ़ते पारे और भीषण गर्मी के बीच सोनभद्र के प्रसिद्ध मारकुंडी ईको प्वाइंट क्षेत्र में वन्यजीवों की प्यास बुझाने के लिए एक सराहनीय मानवीय पहल की गई है। सामाजिक संगठन SSS परिवार द्वारा क्षेत्र के जंगलों और पहाड़ी इलाकों में रह रहे वन्यजीवों, विशेषकर बंदरों के लिए 'वन्यजीव जल सेवा अभियान' की शुरुआत की गई है।
विभिन्न स्थानों पर रखे गए जल पात्र, फल-भोजन की भी व्यवस्था
इस अभियान के तहत मारकुंडी ईको प्वाइंट और आसपास के त्रिकोण पर वन्यजीवों की सुलभता को देखते हुए बड़े-बड़े जल पात्र (नाद और बर्तन) स्थापित किए गए हैं। इन पात्रों में SSS परिवार के सदस्यों द्वारा नियमित रूप से स्वच्छ और शीतल जल भरने की जिम्मेदारी उठाई गई है। पानी के साथ-साथ भीषण गर्मी में बेहाल बंदरों के लिए मौसमी फल और अन्य खाद्य सामग्रियों की भी उचित व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें भोजन-पानी के लिए भटकना न पड़े।
बेजुबानों की सेवा ही सच्ची मानवता: SSS परिवार
इस सेवा कार्य में सक्रिय योगदान दे रहे SSS परिवार के सदस्य सत्यम मिश्रा और शिवम मिश्रा ने बताया:
"गर्मी के इस मौसम में पहाड़ी और जंगली क्षेत्रों के प्राकृतिक जल स्रोत पूरी तरह सूख जाते हैं। पानी की कमी के कारण बेजुबान वन्यजीवों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और कई बार वे आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख करते हैं। इसी संकट को देखते हुए हमारी टीम ने यह छोटी सी पहल की है। हमारा मुख्य उद्देश्य स्थानीय लोगों और यहाँ आने वाले राहगीरों को भी प्रेरित करना है, ताकि वे भी इन जल पात्रों को खाली देखने पर उसमें पानी भरने की आदत डालें।"
आम नागरिकों से की गई भावुक अपील
अभियान के दौरान SSS परिवार ने सभी प्रबुद्ध नागरिकों, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से एक भावुक अपील की है। संगठन का कहना है कि मानवता का तकाजा सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि जीव सेवा भी हमारा परम कर्तव्य है। इस भीषण गर्मी में हर व्यक्ति को अपने घर की छतों, आंगनों या सार्वजनिक स्थानों पर पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था अवश्य करनी चाहिए। इस अभियान की स्थानीय लोगों और मारकुंडी आने वाले सैलानियों द्वारा काफी सराहना की जा रही है।
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