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  अजीत पाण्डेय संवाददाता

• तीन डॉक्टरों की जांच में मौत की पुष्टि, एंबुलेंस से अस्पताल ले जाने की कोशिश भी हुई

बभनी(सोनभद्र)। बभनी थाना क्षेत्र के कोंगा गांव में अंतिम संस्कार के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब 40 वर्षीय दुर्गावती को मृत समझकर श्मशान घाट ले जाने के बाद कुछ ग्रामीणों ने उनके शरीर में हलचल होने और नब्ज चलने का दावा किया। इसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार रोक दिया और शव को वापस घर ले आए। दुर्गावती पूर्व ग्राम प्रधान कृष्णानंद की पत्नी थीं और परिजनों के मुताबिक करीब एक सप्ताह से बीमार चल रही थीं। उन्हें पीलिया, प्लेटलेट्स की कमी, खून पतला होने और पित्त की थैली में सूजन जैसी समस्याएं बताई गईं। स्थानीय स्तर पर उपचार के बाद उन्हें दुद्धी के डॉक्टर को भी दिखाया गया था। परिजनों के अनुसार, आगे के इलाज के लिए उन्हें मध्य प्रदेश के सागर ले जाने की तैयारी थी, इसी दौरान रास्ते में उनकी मौत होने की बात सामने आई और शव को गांव वापस लाया गया।

घर पहुंचने के बाद परिजनों ने दो निजी डॉक्टरों और एक सरकारी डॉक्टर को बुलाकर दुर्गावती की जांच कराई, जिसमें डॉक्टरों द्वारा मौत की पुष्टि किए जाने की बात सामने आई। इसके बावजूद परिजनों ने एंबुलेंस के जरिए अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन जांच के बाद एंबुलेंस कर्मियों ने भी मौत की पुष्टि करते हुए शव को अस्पताल ले जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद शव को घर पर रखा गया और बाद में परिजन दोबारा श्मशान घाट पहुंचे, जहां अंतिम संस्कार कर दिया गया। ग्रामीणों द्वारा महिला के जिंदा होने और नब्ज चलने का दावा किया गया था, लेकिन इसकी चिकित्सकीय पुष्टि नहीं हुई। मामले को लेकर स्थानीय थाना प्रभारी ने घटना की जानकारी होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि क्षेत्र में अंधविश्वास से जुड़ी इस तरह की बातें सामने आती रहती हैं, लेकिन इस मामले की जानकारी थाने को नहीं है।





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