रघुराज सिंह संवाददाता
बीजपुर(सोनभद्र)। म्योरपुर विकासखंड के जरहा न्याय पंचायत क्षेत्र स्थित कंपोजिट विद्यालय महुली, पूर्व माध्यमिक विद्यालय जलजलिया, प्राथमिक विद्यालय जलजलिया सहित अन्य परिषदीय विद्यालयों में वार्षिक कंपोजिट ग्रांट समेत विभिन्न मदों में मिलने वाली धनराशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि विद्यालयों के प्रधान शिक्षकों द्वारा कागजी खानापूर्ति पूरी कर धनराशि की निकासी कर ली जाती है, जबकि जमीनी स्तर पर रंगाई-पुताई, स्टेशनरी, रखरखाव, खेल सामग्री, बर्तन, किचन गार्डन समेत निर्धारित कार्यों में धन के उपयोग की स्थिति स्पष्ट नहीं है। एसएमसी अध्यक्ष बंसराज यादव, प्रबोध कुमार, सुमन आदि ने आरोप लगाया कि विद्यालयों में एसएमसी की नियमित बैठक नहीं होती और वार्षिक ग्रांट की धनराशि व उससे कराए गए कार्यों की जानकारी भी उन्हें नहीं दी जाती। उनका कहना है कि कई वर्षों से अध्यक्ष होने के बावजूद एक-दो बार ही हस्ताक्षर कराए गए, जबकि बिना उनकी जानकारी और हस्ताक्षर के धन निकासी कैसे हुई, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
• अधिकारियों के निरीक्षण पर भी उठे सवाल, जांच की मांग
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि ब्लॉक स्तर पर ऑडिट के दौरान मुख्य रूप से अभिलेखों की जांच कर खानापूर्ति कर दी जाती है और विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान भी कई कमियां अधिकारियों की नजर में नहीं आतीं। उनका दावा है कि शिकायत या मामला सामने आने के बाद संबंधित विद्यालयों में आनन-फानन में कार्य कराए जाने लगते हैं। शिकायतकर्ताओं ने वर्षों की धन निकासी, एसएमसी के हस्ताक्षर और कराए गए कार्यों की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में म्योरपुर बीईओ सुनील कुमार से विभिन्न शिकायतों को लेकर जानकारी मांगी गई तो उन्होंने मीटिंग का हवाला देते हुए स्पष्ट जवाब देने से पल्ला झाड़ लिया।
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