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सोनभद्र। राष्ट्रीय संचेतना समिति सोनभद्र के तत्वावधान में नगर पालिका परिषद सोनभद्र के सभागार में तुलसी जयंती, सम्मान समारोह एवं पुस्तक विमोचन कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार पं. पारस नाथ मिश्र ने की। कार्यक्रम में शिक्षक एवं साहित्यकार डॉ. बृजेश कुमार सिंह ‘महादेव’ की काव्य रचना ‘प्रणय पुंजिका’ का विमोचन सभाध्यक्ष पं. पारस नाथ मिश्र, मुख्य अतिथि डॉ. प्रदीप कुमार मिश्र, विशिष्ट अतिथि डॉ. रचना तिवारी, डॉ. मनकामना शुक्ल ‘पथिक’, शिव नारायण ‘शिव’, संयोजक जगदीश पंथी, समिति अध्यक्ष रमेश देव पाण्डेय एडवोकेट, महामंत्री आशुतोष मुन्ना, दीपक कुमार केशरवानी, अमरनाथ अज्ञेय, भोला नाथ मिश्र, सुनील तिवारी, कौशल्या चौहान सहित साहित्यकारों के कर कमलों से हुआ। डॉ. महादेव ने बताया कि ‘प्रणय पुंजिका’ में उन्होंने अपने अंतःकरण के प्रणय को विभिन्न रूपों में पंक्तिबद्ध किया है।
डॉ. बृजेश महादेव ग्राम भरहरी, जनपद सोनभद्र के मूल निवासी हैं। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने शिक्षा जारी रखी और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक के बाद वित्तविहीन विद्यालय में नौकरी करते हुए परास्नातक एवं प्रशिक्षण की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2002 में बेसिक शिक्षा परिषद सोनभद्र में उनकी तैनाती हुई तथा 2014 में पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर से डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की। नब्बे के दशक से साहित्यिक सफर शुरू करने वाले डॉ. महादेव ने डेढ़ दर्जन से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिनमें ‘सामान्य ज्ञान दर्पण’, ‘भौगोलिक मानचित्रांकन’, ‘कौन करेगा इंसाफ’, ‘वनवासी महानायक’, ‘तरूवर स्तवन’, ‘पर्यावरण प्रदीपिका’, ‘वनस्पतांजलि’, ‘अरमानों की हत्या’, ‘सवर्णिम सोनभद्र’ और ‘प्रणय पुंजिका’ प्रमुख हैं। इसके अलावा कई पुस्तकें प्रकाशनाधीन हैं तथा उनके एक दर्जन से अधिक शोधपत्र प्रकाशित हो चुके हैं। वह कई साहित्यिक पत्रिकाओं का संपादन भी कर रहे हैं। साहित्य के साथ सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय डॉ. महादेव को शिक्षा, साहित्य, समाजसेवा एवं स्काउटिंग के क्षेत्र में ग्लोबल डायमंड आइकन अवार्ड, एशियन एजुकेशन अवार्ड, नेशनल बिल्डर्स अवार्ड और राज्य आईसीटी अवार्ड सहित दर्जनों सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उनकी आगामी पुस्तक ‘अधुरी चाहत’ है।