अजीत पाण्डेय संवाददाता
बभनी(सोनभद्र)। विकास खंड बभनी की ग्राम पंचायत रंदह में ‘जी रामजी’ योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य में करीब आधा दर्जन नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने इस पर विरोध जताते हुए ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जिन बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, उनसे फावड़ा और तगाड़ी लेकर मजदूरों की तरह काम कराया जा रहा है। उन्होंने इसे बाल अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। • पहले कार्रवाई का आश्वासन, फिर अज्ञात लोगों के फोटो खींचने की दलील
मामले में जी रामजी योजना के एपीओ पंकज कुमार ने पहले जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया था। ग्रामीणों के अनुसार, अगले दिन दोबारा संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि मौके पर बाइक से दो अज्ञात लोग आए थे और बच्चों के हाथों में जबरन फावड़ा पकड़ाकर फोटो खींचकर चले गए। उन लोगों की पहचान के बारे में पूछे जाने पर एपीओ ने अनभिज्ञता जताई। इस जवाब पर ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि मौके पर ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव और मुंशी मौजूद थे, तो अज्ञात लोग बच्चों के हाथों में औजार थमाकर फोटो कैसे खींच गए। वहीं, खंड विकास अधिकारी रूपेश मंडल ने बताया कि वह एपीओ से बात कर मामले में लिखित जानकारी प्राप्त करेंगे, जिसके आधार पर आगे की प्रक्रिया की जाएगी। फिलहाल मामले में जांच और प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है।