मंजय वर्मा की रिपोर्ट
मिर्जापुर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन यानी भाकपा माले का दो दिवसीय 10वां जिला सम्मेलन 24-25 अक्टूबर को मिर्जापुर शहर में संपन्न हुआ। सम्मेलन में पार्टी की राज्य सचिव कामरेड कुसुम वर्मा, वरिष्ठ नेता कामरेड रामजी राय और कामरेड सुधाकर यादव मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। सम्मेलन की अध्यक्षता एवं संचालन जिला सचिव कामरेड जीरा भारती ने किया। जिले के विभिन्न ब्लॉकों से आए सैकड़ों प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सम्मेलन स्थल को कामरेड विनोद मिश्र नगर, मुख्य द्वार को रचना मल्होत्रा द्वार और सभागार को कामरेड शांति कोल हॉल नाम दिया गया। सम्मेलन का मुख्य नारा बुलडोजर राज और वोट चोरी के खिलाफ तथा सामाजिक न्याय, संविधान एवं लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने का रहा।
• मजदूरों-किसानों के सवालों पर जन आंदोलन खड़ा करने का ऐलान
सम्मेलन में प्रस्तुत राजनीतिक एवं संगठनात्मक रिपोर्ट में पिछला जिला सम्मेलन 2021 में पटेहरा ब्लॉक के गोंडुटवा में होने का उल्लेख करते हुए वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा की गई। रिपोर्ट में मोदी और योगी सरकार पर संविधान, भ्रष्टाचार, दमन, सामाजिक नफरत और आंदोलनों को दबाने संबंधी आरोप लगाए गए। इसमें किसान आंदोलन, नोएडा और मानेसर के मजदूर आंदोलनों तथा पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के आंदोलन का भी जिक्र किया गया। सम्मेलन के अंत में नई जिला कमेटी का चुनाव किया गया। पार्टी ने आने वाले दिनों में बुलडोजर राज, वोट चोरी तथा मजदूरों और किसानों के मुद्दों को लेकर जिले में व्यापक जन आंदोलन खड़ा करने का संकल्प लिया।