रिपोर्ट: डॉ. परमेश्वर दयाल श्रीवास्तव
सोनभद्र। किसानों को सिंचाई के लिए मानसून पर निर्भरता से राहत दिलाने और खेती की उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के तहत सरकार निजी सिंचाई संसाधनों की स्थापना पर अनुदान दे रही है। योजना के अंतर्गत डीप बोरिंग कराने वाले किसानों को 50 प्रतिशत तक तथा उथले नलकूप की स्थापना पर किसानों की श्रेणी के अनुसार 50 से 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता एमआर मौर्या ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में सोनभद्र के लिए कुल 773 किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें 85 डीप बोरिंग और 688 उथले नलकूप की स्थापना शामिल है।
योजना के माध्यम से किसानों को कम लागत में सिंचाई के स्थायी संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इससे किसानों को फसलों की जरूरत के अनुसार समय पर सिंचाई करने, बारिश पर निर्भरता कम करने और एक से अधिक फसल लेने में मदद मिलेगी। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि के अवसर भी बढ़ेंगे।