मंजय वर्मा की रिपोर्ट
मिर्जापुर। त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे खाद्य सुरक्षा विभाग के अभियान पर सवाल खड़े हो गए हैं। विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति में सघन निरीक्षण और सैंपलिंग का दावा किया, लेकिन सामने आई छह तस्वीरों में जांच की प्राथमिकता पर सवाल उठ रहे हैं। एक तस्वीर में अधिकारी हरे रंग की कोल्ड ड्रिंक की बोतल की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट देखते नजर आ रहे हैं, जबकि पास ही काउंटर पर खुली बर्फी, पेड़ा और लड्डू की ट्रे रखी दिखाई दे रही हैं। आरोप है कि मिठाइयों के निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि का रिकॉर्ड जांचने पर अधिकारियों का ध्यान नहीं गया। छप्पन भोग स्वीट्स एंड बेकरी सहित अन्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
• मिठाइयों की गुणवत्ता और डेट रिकॉर्ड की जांच पर उठे सवाल
तस्वीरों में अधिकारी कागजात और क्यूआर कोड की जांच करते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन मिठाइयों की निर्माण तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि और संबंधित रिकॉर्ड की जांच स्पष्ट रूप से नजर नहीं आ रही है। सवाल उठ रहा है कि विभाग ने कितनी दुकानों पर मिठाइयों की डेट संबंधी जानकारी दर्ज की, कितने प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया और कितनी सैंपलिंग की गई। त्योहारों में खोया, पनीर और मिठाइयों में मिलावट की आशंका को देखते हुए विभाग की कार्रवाई में इन खाद्य पदार्थों की जांच को प्राथमिकता देने की जरूरत है। अब देखना होगा कि खाद्य सुरक्षा विभाग इन सवालों पर क्या जवाब देता है और त्योहारी अभियान में मिठाइयों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।