रघुराज सिंह संवाददाता
राष्ट्रीय। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने देश के महत्वपूर्ण औद्योगिक और रणनीतिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने प्रशासनिक एवं परिचालन ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद पुनर्गठन की नई व्यवस्था 1 नवंबर 2026 से लागू हो गई है। इसके तहत अब तक क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र के आधार पर संचालित व्यवस्था को बदलकर प्रतिष्ठानों और उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप सेक्टर आधारित निगरानी व्यवस्था लागू की गई है।
• बिजली से लेकर बंदरगाहों तक अलग-अलग सेक्टर बनाए गए
नई व्यवस्था के तहत नई दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सेक्टर को सरकारी भवन, संग्रहालय, स्मारक एवं जन तीव्र परिवहन प्रणाली सेक्टर बनाया गया है। नई दिल्ली और कोलकाता के सेक्टरों को पावर-1 और पावर-2, रांची को कोयला, भिलाई को इस्पात, गुवाहाटी को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा मुंबई और चेन्नई को क्रमशः पश्चिमी तट बंदरगाह और पूर्वी तट बंदरगाह सेक्टर का नाम दिया गया है। इस बदलाव से सुरक्षा प्रक्रियाओं में एकरूपता, विशेष प्रशिक्षण, विशेषज्ञ कर्मियों के बेहतर इस्तेमाल और संबंधित प्रतिष्ठानों के साथ समन्वय को मजबूती मिलेगी। साथ ही साइबर सुरक्षा, ड्रोन और ड्रोनरोधी क्षमताओं को भी विकसित किया जाएगा।