SVG इण्डिया न्यूज डेस्क
बभनी(सोनभद्र)। विकासखंड म्योरपुर और बभनी के परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों को पिछले दो माह से मानदेय नहीं मिलने के कारण उनमें नाराजगी बढ़ती जा रही है। दीपावली का पर्व नजदीक होने के बावजूद भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परेशान शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों ने जिलाधिकारी से गुहार लगाते हुए लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यालयों में पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से सेवाएं देने के बावजूद समय पर मानदेय नहीं मिलना विभागीय उदासीनता को दर्शाता है। उपस्थिति समेत भुगतान से संबंधित आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भी दो माह का मानदेय लंबित है, जिससे बच्चों की फीस, घरेलू खर्च और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। कर्मचारियों ने बताया कि दशहरे पर भुगतान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन त्योहार बीतने के बाद भी खाते में धनराशि नहीं पहुंची।
• मानदेय भुगतान में भेदभाव का लगाया आरोप, जवाबदेही तय करने की मांग
शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों ने आरोप लगाया कि मानदेय भुगतान के मामले में विभाग हमेशा से उनके प्रति अपेक्षित जिम्मेदारी नहीं निभा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि एक ही विभाग में अलग-अलग नियमों जैसा व्यवहार किया जा रहा है, जो उनके साथ अन्याय है। उन्होंने सवाल उठाया कि दो महीने तक मेहनत करने के बाद भी मानदेय नहीं मिलने पर वे अपने परिवार के साथ त्योहार कैसे मनाएं। उन्होंने जिलाधिकारी से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं वित्त एवं लेखाधिकारी को तत्काल लंबित मानदेय जारी कराने के निर्देश देने, भविष्य में प्रत्येक माह निर्धारित समय पर भुगतान सुनिश्चित करने तथा अनावश्यक देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय से उनका पक्ष जानने के लिए सीयूजी मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ।